सूर्य और चंद्र योग का जीवन पर क्या असर होता है?

सूर्य और चंद्र योग का जीवन पर क्या असर होता है?

सूर्य और चंद्र योग का जीवन पर क्या असर होता है?

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और चंद्रमा को दो अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है। इन्हें जन्म कुंडली का आधार भी कहा जाता है क्योंकि ये व्यक्ति के जीवन, व्यक्तित्व, मानसिक स्थिति, स्वास्थ्य और भाग्य को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं। सूर्य और चंद्र योग का सही या असंतुलित होना व्यक्ति के जीवन में सुख, सफलता, मानसिक शांति और स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डालता है। भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सूर्य और चंद्र योग का प्रभाव व्यक्ति के संपूर्ण जीवन पथ और उसके करियर, परिवार और संबंधों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

सूर्य का महत्व और प्रभाव

सूर्य शक्ति, आत्मविश्वास, नेतृत्व, पिता, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक ग्रह है। कुंडली में सूर्य की स्थिति व्यक्ति के आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक प्रभाव को दर्शाती है।

  • यदि सूर्य मजबूत और शुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति में साहस, नेतृत्व क्षमता, आत्मसम्मान और कार्यक्षमता स्वाभाविक रूप से विकसित होती है।

  • सूर्य कमजोर या अशुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति आत्मविश्वास की कमी, निर्णय में अस्थिरता, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और पिता या वरिष्ठ व्यक्तियों के साथ संघर्ष का अनुभव कर सकता है।

इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी का मानना है कि सूर्य की दृष्टि और शुभ योग जीवन में स्थायी प्रतिष्ठा और सम्मान दिलाते हैं। इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी भी कहते हैं कि सूर्य के अनुकूल योग होने से करियर और सामाजिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

चंद्रमा का महत्व और प्रभाव

 चंद्रमा मानसिक स्थिति, भावनाओं, मानसिक शांति, मातृस्नेह और मनोबल का प्रतीक है। चंद्र योग व्यक्ति के मनोविज्ञान, संवेदनशीलता और मानसिक स्थिरता को प्रभावित करता है।

  • यदि चंद्रमा शुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति मानसिक रूप से स्थिर, संवेदनशील, और निर्णय लेने में संतुलित होता है।

  • अशुभ या कमजोर  चंद्रमा व्यक्ति को तनाव, मानसिक अस्थिरता, भावनात्मक असंतुलन और नींद संबंधी समस्याएं दे सकता है।

भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी बताते हैं कि चंद्र योग का अनुकूल होना मानसिक स्वास्थ्य और परिवार में सुख-शांति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सूर्य और चंद्र योग का संयोजन

जब सूर्य और चंद्र योग कुंडली में उचित स्थिति में होते हैं, तो यह जीवन में समग्र संतुलन और सफलता का संकेत देता है। इस संयोजन से व्यक्ति न केवल मानसिक रूप से स्थिर होता है, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा, करियर और व्यक्तिगत संबंधों में भी सफलता प्राप्त करता है।

  • सूर्य + चंद्र योग शुभ होने पर: आत्मविश्वास, मानसिक स्थिरता, करियर में सफलता, परिवार और विवाह जीवन में संतुलन।

  • सूर्य + चंद्र योग अशुभ होने पर: मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और करियर में अवरोध।

इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी कहते हैं कि सूर्य और चंद्र योग का अध्ययन करते समय इनके भाव, स्थिति और अन्य ग्रह की दृष्टि भी अवश्य देखनी चाहिए। यह योग अकेले ही जीवन के सभी पहलुओं को नियंत्रित नहीं करता, बल्कि इसे अन्य ग्रह योगों और दशाओं के साथ संतुलित करके देखा जाना चाहिए।

सूर्य और चंद्र योग के विभिन्न प्रकार

  • सूर्य उच्च योग – यदि सूर्य मेष या सिंह राशि में उच्च हो, तो यह व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता और साहस का संकेत देता है।

  • चंद्रमा उच्च योग – यदि चंद्रमा वृषभ या कर्क राशि में उच्च हो, तो यह मानसिक शांति, संवेदनशीलता और परिवार में सुख का सूचक होता है।
  • सूर्य-चंद्रमा युति – सूर्य और  चंद्रमा की युति से जन्मजात राजयोग या शक्ति योग बनता है। यह व्यक्ति को निर्णय लेने में साहस और मानसिक संतुलन दोनों प्रदान करता है।
  • अशुभ युति – सूर्य और चंद्रमा का अशुभ संयोजन व्यक्ति को मानसिक और सामाजिक तनाव दे सकता है।

भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, अशुभ सूर्य-चंद्र योग होने पर ग्रह उपाय और मंत्र पाठ करके इसका प्रभाव कम किया जा सकता है।

सूर्य और चंद्र योग के उपाय

  • सूर्य योग के लिए – रोज सुबह सूर्य को अर्घ्य दें, लाल वस्त्र पहनें, सूर्य मंत्र “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करें।

  • चंद्र योग के लिए – सोमवार को दूध और चाँदी का दान करें, चंद्र मंत्र “ॐ चंद्राय नमः” का पाठ करें।
  • सूर्य-चंद्र युति शांति उपाय – नियमित पूजा, हवन और ग्रह शांति के उपाय करें।

इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी बताते हैं कि सही उपाय करने से सूर्य और चंद्र योग का प्रभाव सकारात्मक रूप से जीवन में प्रकट होता है।

सूर्य और चंद्र योग का जीवन पर प्रभाव

  • करियर और प्रतिष्ठा – सूर्य मजबूत होने से करियर में प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है।

  • मानसिक स्वास्थ्य –  चंद्रमा मजबूत होने से मानसिक स्थिरता और शांति बनी रहती है।
  • सामाजिक संबंध – दोनों ग्रहों का शुभ योग सामाजिक संबंधों और परिवार में संतुलन लाता है।
  • धन और सुख-शांति – सूर्य और चंद्र योग के सकारात्मक प्रभाव से आर्थिक और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है।
  • स्वास्थ्य – सूर्य का मजबूत होना शारीरिक शक्ति और प्रतिरक्षा बढ़ाता है, जबकि  चंद्रमा मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करता है।

सूर्य और चंद्र योग व्यक्ति के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इनके सकारात्मक योग से व्यक्ति में आत्मविश्वास, मानसिक स्थिरता, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में सफलता, और परिवार में सुख-शांति आती है। अशुभ योग होने पर मानसिक तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सामाजिक चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

भारत के प्रसिद्ध ज्योतिषी मनोज साहू जी के अनुसार, सूर्य और चंद्र योग का सही अध्ययन और ग्रहों के अनुसार उपाय जीवन में स्थायी सफलता और मानसिक शांति प्राप्त करने का मार्ग है। केवल इन उपायों और संतुलित जीवनशैली के माध्यम से व्यक्ति सूर्य और चंद्र योग के पूर्ण लाभ का अनुभव कर सकता है।

इसलिए, सूर्य और चंद्र योग का अध्ययन, ग्रहों की स्थिति का सही मूल्यांकन और उपाय करना प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत आवश्यक है। 

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